गुरुवार, 13 अगस्त 2015

हरेलीे गीत


।।। हरेली गीत ।।। 

   आय हे हरेली आय हे हरेली, 
   सुनव संगी मोर नँघरिया 
   जाबो अमरईया गाबो ददरिया, 
   चलव चलव जँहूरिया।

गेंड़ी मा चड़बो रस्ता गड़बो, 
    आनी बानी पेड़ लगाबो, 
    खो-खो खेलबो झुलना झुलबो, 
    पूरखा के रीत बचाबो, 

    आगे हे बेरा नईहे अगोरा....
    मेहनत करबो हलधरिया
                 जाबो अमरईया.... 

 बड़े भिनसरहा धनहा डोली मा, 
    गुड़हा चिला गड़ाबो, 
    नागर बिंधना टंगिया धोके
    ठाकुर देव ला मनाबो, 

   सुमर सुमरनी देवी देवता के...
    झूमर बरसाही बदरिया
                    जाबो अमरईया..... 

       रचना- श्रवण साहू 
      गांव - बरगा थानखम्हरिया 
       मोबा. -8085104647

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