शनिवार, 12 सितंबर 2015

सुरता आवत हे


।। सुरता आवत हे ।।

रहि रहि के तीजा पोरा के सुरता आवत हे
का होगे मोर भईया मोला लेगे बर नई आवत हे
दिन नई कटत हे वोकर अगोरा म
आज आही कल आही कहिके बइठे रहिथंव चौरा म

मोरो भईया आही महू ल तीजा ले जाही
बड़ दिन होगे मइके नई गे हव भौजी मोला घुमाही
मइके जाये बर जी ह मोर छटपटावत हे
रहि रहि के मोला तीजा पोरा के सुरता ह आवत हे

का होगे भईया मोला लेगे बर नई आवत हे
मने मन म उही बात दोहरावत हे
दाई ददा के मया दुलार भईया के राहय फटकार
संगी सहेली मन संग घुमे बर जान नदिया पार

रहि रहि के तीजा पोरा के सुरता आवत हे
का होगे भईया मोला लेगे बर नई आवत हे

रचनाकार - राजेश निषाद 
चपरीद आरंग रायपुर 
मोबा :- 9713872983 
         


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