गुरुवार, 10 सितंबर 2015

आवत हे तीजा-पोरा


।। आवत हे तीजा-पोरा ।। 

आवत हे तीजा-पोरा,महू ल सोरियाही
मोर भाई मोला,लिहे बर आही

झिमिर-झिमिर करत,सावन सिरागे
करके सवांगा,भादो ह आगे
कमरछठ जाही,आठे मनाही
मोर भाई मोलालिहे बर आही

दाई-ददा धलो ,करत होही अगोरा
आही मोर बेटी,आवत हे तीजा-पोरा
मइके ले मयामोर बर अगराही
मोर भाई मोला लिहे बर आही

मइके के सुरता,रहि-रहि  आवत हे
लीम डारा के झुलना,मोला बलावत हे
ए दरी घलो संगी-जहूंरिया सकलाही
मोर भाई मोला लिहे बर आही

खाबोन-खवाबोन,भात करू साग
रहिबोन उपास,जगाबो अपन भाग
मिलही नवा लूगराठेठरी-खूरमी बनाही
मोर भाई मोला लिहे बर आही

 रचनाकार - मनीराम साहू मितान 
कचलोन सिमगा 
बलौदाबाजार भाटापारा 
मोबा :- 9826154608 


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