।। आवत हे तीजा-पोरा ।।
आवत हे तीजा-पोरा,महू ल सोरियाही
मोर भाई मोला,लिहे बर आही
झिमिर-झिमिर करत,सावन सिरागे
करके सवांगा,भादो ह आगे
कमरछठ जाही,आठे मनाही
मोर भाई मोलालिहे बर आही
दाई-ददा धलो ,करत होही अगोरा
आही मोर बेटी,आवत हे तीजा-पोरा
मइके ले मयामोर बर अगराही
मोर भाई मोला लिहे बर आही
मइके के सुरता,रहि-रहि आवत हे
लीम डारा के झुलना,मोला बलावत हे
ए दरी घलो संगी-जहूंरिया सकलाही
मोर भाई मोला लिहे बर आही
खाबोन-खवाबोन,भात करू साग
रहिबोन उपास,जगाबो अपन भाग
मिलही नवा लूगराठेठरी-खूरमी बनाही
मोर भाई मोला लिहे बर आही
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