।। पीतर पाख म ।।
अपन पुरखा ल मनाहू गा
ओकर सुरता म आसू गिराहू गा
पीतर पाख म
कका बडा दाई महतारी
आवय जम्मो ओसरी पारी
मरे मरे ल हमन जियाहू गा
पीतर पाख म
आदर खातिर ईही सियानी
देहू दुबी अउ कुस मा पानी
बईठक ल ओरवाती म बनाहू गा
ले ले के सब ओकर नाव
हुम ल देके परहू पाव
बरा उरा के भोग लगाहू गा
पीतर पाख म
पुरखा पानी कईसे पाही
मरे जीव ह कईसे आही
मन म सरधा बिसवास जगाहू गा
पीतर पाख आवत हे
दाई ददा कका बबा हमर पुरखा ल गोहराहू गा
झन मरय सरग म पियास अईसन पानी पियाहू गा
रचनाकार - सकुन साहू शैली
कुरुद साजा जिला बेमेतरा छ.ग.

बबढ़िया सुघ्घर रचना हे
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