।। नारी शक्ति ।।
सुन लव ओ मोर लक्ष्मीबाई जगा जगा अन्याय होवत हे
बन जव झांसी के रानी महिला मन के उपर
अन्याय बुराई से लड़े खातिर गेंग रेप अउ छेड़खानी के
शुरू करव नवा कहानी घटना होवथे बारबार
गली गली शराब बिकत हे शराबी मन झुमरत रहिथे
मंदिर अउ स्कूल के पास पढ़त रहिथे कलाम
लइका ल देख दारू पियत हे महिला के आना जाना
देख के मोर मन हे उदास दुश्कर होगे हे आम
अब बहिनी कमर कस के अब तक सहेव जुलुम ला
हो जावव तुमन तइयार पुरूष मन के हाथ
सबो बुराई से लडे़ खातिर महिला ला जगावव बहिनी
बन जव दुरगा अवतार राहव जुरमिल साथ
एक साथ रहे के ताकत तुमन बनावव महिला सेना
जुरमिल दुनियां ला देखावव बेलन झाड़ू उठावव
अन्याय करइया मनखे मन ला नियत खोर दरूहा मन ला
अब तुम मजा चखावव पीट पीट सोझियावव
तभे सुधरही हमर देश हा
चलही उन्नति के राह रचनाकार - गजानंद साहू
दारू पियइया डर के चलही असौंदा तिल्दा रायपुर
अइसन हे मोर चाह मोबाइल - 9617075375
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