सत के परमाण बनेव
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अंधरा के तुमन आंखी बनेव
भैरा के तुम फरके कान बनेव
जोजवा बर दिया गियान बनेव
बाबा सही रद्दा के पहिचान बनेव
जात पात ल लतियायेव तुमन
छुआ छूत बर बड़ काल बनेव
सही रद्दा देखाय बर घासीदास बबा
तुमन दुनिया के रेंगहार बनेव
भाई भाई के सही अरथ ल बतायेव
मानव धरम का होहि समझायेव
सबो जाति के पीरा ल समझेव
सत धरम के सही पहिचान बतायेव
दारू गांजा के अवगुण समझायेव
सही करम के पहिचान ल बतायेव
मास भकछन के घोर बिरोध करेव
सब जीव बर तुमन मया बगरायेव
समाज ल एक डोर म बांधे बर
सही गियान हमन ल समझायेव
बिखरत समाज के बोहेव बोझा
सत मारग ल बाबा तुमन समझायेव
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रचनाकार - हेमंत मानिकपुरी
भाटापारा जिला बलौदाबाजार
मोबाईल :- 8871805078

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