बुधवार, 23 दिसंबर 2015

मोर सपना के गांव


 गीत - मोर सपना के गांव
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हाना-हाना मा डोले मोर सपना के गांव
पाना-पाना हा बोले महतारी के नाव

झुनुक झेंगुरा हर गावे फुदुक टेटका मगन
आनी-बानी के फूल इहाँ हरियर उपवन
बाना-बाना मा बोले मोर सपना के गांव
पाना-पाना हा बोले महतारी के नाव

धरे नांगर तुतारी धनहा बीजहा माटी
धरती दाई के दुलरवा के भुईयां थाती
गाना-गाना मा झूमे मोर सपना के गांव
पाना-पाना हा बोले महतारी के नाव

ऐंठी,चूरी, महावर छिंटही लुगरा पहिरे
तीजा-पोरा मा ठमके बेनी फुंदरा झुमरे
रीति-रीति मा गावे मोर सपना के गांव
पाना-पाना हा बोले महतारी के नाव

चंदा सुरूज चमके कोयली कुहुक गावे
भाखा- बोली मया के इहाँ मंदरस घोरे
ताना-बाना मा झूले मोर सपना के गांव
पाना-पाना हा बोले महतारी के नाव
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रचना - शकुंतला तरार 
जिला रइपुर छत्तीसगढ़ 
नारी का संबल 
shakuntalatarar7@gmail.com


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