तोर गली म
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तोर गली म का गयेव पिरोहिल रूसवा होगेव
जात खानी बघवा रहेव निकलत मुसवा होगेव
तोर ददा भाई अतका दोहनीस मोला
गोरा नारा रहेव तेन सुकवा होगेव
तोर गली म का गयेव पिरोहिल रूसवा होगेव
जात खानी बघवा रहेव निकलत मुसवा होगेव
तोर मया के चक्कर मे पढ़ाई लिखई बिसरगे
पहली अव्वल आवत रहाव अब दसवा होगेव
दाई-ददा के आँखी के मेहर चंदा तारा रहेव
फेर तोर बर पगली आठों पहर सुकवा होगेव
तोर गली म का गयेव पिरोहिल रूसवा होगेव
जात खानी बघवा रहेव निकलत मुसवा होगेव
गुरूजी कहिस झिन पड़ मया के लफंदर में
मानेव नहीं मोठ डाट रहेव अब फोसवा होगेव
बड़ हुसियार रहेव मंगनी जचनी के पहली
पसंद करें के बेरा कोन जनी कईसे जोजवा होगेव
तोर गली म का गयेव पिरोहिल रूसवा होगेव
जात खानी बघवा रहेव निकलत मुसवा होगेव
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रचना - केदार नाथ जायसवाल
गौरेला पेंट्रारोड बिलासपुर
मोबाइल :- 9827074113

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