मोर छत्तीसगढ़ महान
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हमर छत्तीसगढ़ के माटी के
महिमा बड़ महान हे
इंहा जनमे बीर नारायण
साहस के पहिचान हे
अरपा पैरी के धार बोहाथे
इन्द्रावती वरदान हे
महानदी कस पावन नदिया
देवभूमि के पहिचान हे
चित्रकुट अउ तीरथगढ के
शोभा बढ़ निक लागे
बादर ल गीर के भुइंया म जइसे
दूध के धार बोहागे
तिन नदिया के संगम राजिम
छत्तीसगढ़ प्रयाग हे
अवँरा धंवरा पेड़ तरी म
गुरु बाबा धरे बैराग हे
इंहा के डोंगरी अउ पहाड़ी
सब के मन ल भाथे
इंहा जउन आथे ओहा
इन्हें के होके रही जाथे
माता सबरी के जुठा बोइर खाके
राम लखन काटे इंहा बनवास हे
इंहा बिराजे सब देवी देवता
इंहा के स्वर्ण इतिहास हे
लव कुश के ये जन्म स्थली
सिरपुर म लछमन मंदिर हे
देश भर म अलग चिन्हारी
चंदखुरी के माँ कौशिल्या मंदिर हे
ये भुइंया हे ऋषिमुनि के
बीर के इंहा भरमार हे
सादा जीवन जिथे इंहा सब
बारो महीना इंहा तिहार हे
बस्तर के दसहरा परब ह
विश्व परसिद्ध कहलाथे
गिरौदपुरी के पवन भुइंया
सत के रद्दा देखाथे
सरगुजा ले करमा ददरिया
जोश नवा जगाथे
धमतरी के बिलई माई
धरम के पाठ पढ़हाथे
राईपुर शहर बने सुग्घर
इंहा के राजधानी हे
नाँदगाँव कहाथे संगी
इंहा के सँस्कार धानी हे
अइसन छत्तीसगढ़ के मैं रहवैया
छत्तीसगढ़ के गुण ल गाथंव
दुनो हाथ ल जोर के मैं हर
बार बार शीश नवाथंव
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रचना -तरुण बारले
धनसुली (बाराडेरा) रायपुर
मोबा:- 9009191035

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