शुक्रवार, 13 मई 2016

छ.ग.के पागा कलगी भाग - 05



छत्तीसगढ़ी मंच द्वारा संचालित 
छत्तीसगढ़ी कविता प्रतियोगिता 
छत्तीसगढ़ के पागा कलगी भाग - 05
दिनांक - 01 से 15 मार्च 2016 तक 
विषय - हमर नंदावत खेल कूद 
(छत्तीसगढ़ के जुन्ना खेल कूद)
मंच संचालक - अशोक साहू भानसोज
युवा कवि छत्तीसगढ़ी लेखक।
निर्णायक मंडल -
शकुंतला शर्मा जी छत्तीसगढ़ी लेखिका 
शकुंतला तरार जी संपादक 
(नारी का संबल पत्रिका)
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विजेता - संतोष फरिकार जी 
साथ मे ललित टिकरिहा बेरला।
पागा पहरईया के कविता ह विभिन्न 
पत्र-पत्रिकाओं मे प्रकाशित के साथ -
साथ छत्तीसगढ़ी साहित्य संग्रह म भी
प्रकाशित होय हे, दैनिक समाचार पत्र
किरण दूत रायगढ़, अंजोर छत्तीसगढ़ी
मासिक पत्रिका। विजेता ल 
हमर तरफ ले बहुत बहुत बधाई 
अऊ शुभकामना।
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संतोष फरिकार जी के रचना 
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हमर नंदावत खेल
बिहनिया के बाटी भौरा
स्कुल के खो खो कबड्डी 
भाठा के गील्ली डन्डा
गुड़ी के रयचुली
हमर नंदावत खेल

संझा के बेरा घोड़ा कुदंऊल
रात कुन के रेस टीप
खेलन संगी संगवारी
रहिस हवय हमर चिन्हारी
हमर चिमनी के पढ़ई
नंदावत हमर खेल

मंझनिया के भटकुल खेलई
अऊ खेलई तीरी पासा
काय करन संगवारी
नई होवय अब ए खेल के आसा
हमार नंदावत खेल

कैची फांक सयकिल चलंई
बरसात म बेलन दौड़ई
टीप टीप गरमी म आमा तोड़ई
आज होगे कुलर म रहई
संझा के बेरा पतंग उड़ई
हमार नंदावत खेल

नंदावत हवय रस्सी दऊड़
अऊ बोरा के दऊड़
गली के चकर बिल्लस
बहिनी मन के फुगड़ी
हमार नदावद खेल

बहीनी मन के गोटा खेलई
अऊ घोर घोर रानी
संगवारी मन के अटकन बटकन
नानकून के टायर दौड़ई
फोदा के मरई
हमार नदावत खेल

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ललित टिकरिहा जी के रचना 
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जुरे राहय संगी जंउरिहा
अब नई हे थोरको मेल
गांव गली हर सुन्ना होगे
अउ हे हमर नंदावत खेल

फुगड़ी भुला गे नोनी मन
अउ बाबू मन भुला गे सुर
भंवरा बांटी के पुछईया नई हे
जम्मो कारटून म होगे चूर

पिठ्ठुल के रचई नंदागे
अउ रेस टीप के लुकई
सुरता आथे अड़बड़ मोला
संगी हो गेड़ीके दउड़ई

घांदीमुंदी ,बीस अमृत नंदागे
चुकिया पोरा अउ घरघुन्धिया
बिल्लस संग सुरता म समागे
खोरलंगडी अउ अँखमूंदिया

छुक छुक रेलगाड़ी नंदागे
नंदागे संगी डंडा पिचरंगा
घाम राहय लकलकावत तभो
चलय झमाझम गिल्ली डंडा

भोटकुल तिग्गा मन हरय
गोंटी अउ काड़ी के खेल
संगी जउरिहा मन के होवय
तिरिपासाअउ चौसर म मेल

खो,कबड्डी,कुश्ती नंदावत हे
जम्मो हमर नंदावत हे खेल
अब तो पाबे भीड़ बजबजावत
किरकेट म माते रेलमपेल

हमन गंवईहा,आनिबानी के
पहिली खेलन सुग्घर खेल
नाव गिनायेव ते मन ला
सुरता म रख लौ जी सकेल

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ये पईत टोटल 20 झन के कविता 
आईस हे सबो जोरदार दमदार हे। 
प्रतियोगिता म शामिल होवईया 
जम्मो रचनाकार मन ल बहुत बहुत
आभार धन्यवाद। 
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संतोष फरिकर, आचार्य तोषण, 
आशा देशमुख जी, सुखन जोगी,
महेन्द्र देवांगन‘माटी‘, देवेन्द्र कुमार ध्रुव
ललित साहू ‘जख्मी‘, जयवीर रात्रे 
हर्षल कुमार यादव, मिलन मलरिहा
नवीन कुमार तिवारी, ललित टिकरिहा
राजेश कुमार निषाद, ललित वर्मा,
हेमलाल साहू, चैतन्य जितेन्द्र तिवारी
लक्ष्मी नारायण लहरे, सुनिल शर्मा‘नील‘
ओमप्रकाश चैहान, रामेश्वर शांडिल्य।

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