मंगलवार, 17 नवंबर 2015

टूरा के मनमानी

टूरा के मनमानी
▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪
एक रहिस मनचला टूरा,बहुत करय मनमानी
एक दिन धोखा खा गे भइया,ओकरेच आवय कहानी

ये मनचला टूरा हा हर दिन,टूरी से करय छेड़खानी
बिगड़े नवाब टूरा हा रहिस,काकरोच बात नई मानी

एक दिन पर गे एक टूरी के सपाटा,उही सबक सिखाइस
जुडो कराटे ट्रेनिंग के असर,उही टूरा ल दिखाइस

दीच घुमाके थप्पड़ ओला,आंखी जग ले बर गे
कान पकड़ के माफी मांगीच,उही दिन ले सुधरगे

टूरी सीखे रहिस कराटे,तेकर असर देखाइस
मार परे के बाद मा टूरा,उही दिन रसता मा आइस

तेही दिन ले करे लगीस वो,पढ़ाई मा ध्यान
पढ़ लिख के हुशियार बनगे,अउ बनगे विद्वान

एकरे सेती कहिथंव भइया,जुडो कराटे सिखावव
लड़की मन ला जुडो सिखाके,झांसी के रानी बनावव

लड़की मन हा पढ़ही लिखही,अउ बनही बलवान
बिगड़े नवाब ल सबक सिखा के,बंचाही इज्जत अउ प्राण
▫▫▫▫▫▫▫▫▫▫▫▫▫▫▫▫
रचनाकार - गजानंद साहू
असौंदा तिल्दा नेवरा रायपुर 
मोबाईल :- 9617075374

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें