शाला प्रवेशउत्सव
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गरमी छुट्टी के दिन ल
नानी नाना घर बितावन
खउं खजानी बर पईसा देवय
मिल बांट के बांटन
संगी संगवारी मन सन
तिरि पासा खेल ल खेलन
सरि मंझानिया रुख तरि
छु छुवउंल दाम पदोवन
कोसा खोजे जंगल झाड़ी
बरफ चुहके बर लावन
हरियर पिंवरी लाली लाली
रस चुचवात ले खावन
बखरी के पक्का आमा
बांस अकोसी म गिरावन
करिया करिया चिरई जाम
डारा खांदा धरके हलावन
अबतो घाम घरि दिन बितगे
ईस्कुल खुले के बेरा आगे
ईस्कुल खुलहि सोलह जुन
हंसी खुशी के दिन छागे
पुस्तक कापी नवा कपड़ा मिलहि
ईसकुल जाबोन पढ़हे बर
मन लगाके लिखबोन पढ़बो
आघु हम बढ़हे बर
खेलत कुदत ईस्कुल जाबो
सोलह जुन प्रवेशउत्सव मनाबो
गुरु गुरुदेव के आसिस पाबो
मिठ मिठई टिका गुलाल लजाबो
खिर पुड़ी अउ दार भात
मध्यान भोजन म खाबो
नवा संगी मन भरती लिहि
नवा नवा संगवारी बनाबो!!
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रचना - सोनु नेताम गोंड़ ठाकुर
(मयारूक छत्तीसगढ़ीया)
रुद्री नवागांव,धमतरी

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