गुरुवार, 30 जून 2016

झन हो अपमान


झन हो अपमान

चाहे अंग्रेजी ला मान मिले
या हिन्दी ला मिले सम्मान
फेर पांव पर के गोहरावत हंव
झन हो छत्तीसगढ़ी के अपमान

ये भुईया मा देवता अवतारे
ये भुईया के इतिहास हे महान
राम-किसन ले रामायन-गीता तक
महतारी के कतका करों बखान

भले हमन चतुरा नई होवन
फेर नई होवन मुरदा समान
अपन मेहनत के रोटी खाथन
झन समझव हमन ला बईमान

परदेसिया मन के झांसा मे आके
भाई हा भाई संग झगरा होवत हे
राजनीति के जांता मा पिसा के
छत्तीसगढ़ी भासा बड़ रोवत हे

जेला कहिथन हमला रद्दा बताही
ऊही हा रद्दा मा कांटा बोवत हे
हमर महतारी भासा छत्तीसगढ़ी
आज हमर भुईया ले खोवत हे

सनातन,पुरातन छत्तीसगढ़ी भासा
येला कोनह-कोनहा मे पहुंचाबो
सिधवा हन फेर अतको नई होन
की कोलिहा मन ला हमन डर्राबो

ये छत्तीसगढ़ के मान बढ़ाबो
छत्तीसगढ़ी ला सम्मान देवाबो
चल संगी लाज सरम छोंड के
दाई के जस ला जुरमिल गाबो

रचना - ललित साहू "जख्मी"
ग्राम - छुरा जिला - गरियाबंद


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