गुरुवार, 7 जुलाई 2016

चल संगी स्कूल जाबो


चल संगी स्कूल जाबो

चल संगी स्कूल जाबो
अपन किस्मत ला अपन
हाथ ले सिरजाबो
चल संगी स्कूल जाबो

कापी किताब के नईहे चिन्ता 
सब ल स्कूल म देथे
अऊ एक जून के खाना 
सब स्कूल म जाके खाथे

नोनी ला घलो पढ़ाबो
चल संगी स्कूल जाबो

पढ़े लिखे बिना नई होवय 
मनखे के उद्धार 
नई कटय जिनगी 
हो जाही बेकार 

नवा बिहान लाबो
चल संगी स्कूल जाबो
                
रचना - जगदीश साहू "हीरा"
कड़ार भाटापारा बलौदाबाजार

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें