चल संगी स्कूल जाबो
चल संगी स्कूल जाबो
अपन किस्मत ला अपन
हाथ ले सिरजाबो
चल संगी स्कूल जाबो
कापी किताब के नईहे चिन्ता
सब ल स्कूल म देथे
अऊ एक जून के खाना
सब स्कूल म जाके खाथे
नोनी ला घलो पढ़ाबो
चल संगी स्कूल जाबो
पढ़े लिखे बिना नई होवय
मनखे के उद्धार
नई कटय जिनगी
हो जाही बेकार
नवा बिहान लाबो
चल संगी स्कूल जाबो
रचना - जगदीश साहू "हीरा"
कड़ार भाटापारा बलौदाबाजार

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